उत्तराखंड

हल्द्वानी: नगर निगम बोर्ड बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर, 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटें खरीदने का फैसला, सफाई व्यवस्था पर पार्षद भागीरथी बिष्ट का सदन में धरना

हल्द्वानी: हल्द्वानी नगर निगम की बोर्ड बैठक में सोमवार को शहर के विकास और जनसमस्याओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान मेयर और पार्षदों ने कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी। शहर की रोशनी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटें खरीदने का निर्णय लिया गया। वहीं, सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षद भागीरथी बिष्ट ने नाराजगी जताते हुए सदन में ही धरना शुरू कर दिया।

बैठक में विभागीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। पार्षदों ने अधिकारियों के बैठक में उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही।

बैठक में लिए गए अहम फैसले लिए गए। जिसमें नए ग्रामीण क्षेत्रों को टैक्स में राहत: नगर निगम में शामिल नए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत देते हुए कमर्शियल टैक्स में छूट की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

पार्कों की होगी जांच: नगर निगम की ओर से एनजीओ और विभिन्न संस्थाओं को दिए गए पार्कों की स्थिति और व्यवस्थाओं की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी।

दुकानों का सर्वे और दस्तावेजों का संरक्षण: नगर निगम की दुकानों का सर्वे कराया जाएगा। साथ ही नजूल से जुड़े दस्तावेजों के संरक्षण का भी निर्णय लिया गया।

एससी छात्रों के लिए छात्रावास: काठगोदाम स्थित नगर निगम इंटर कॉलेज में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावास बनाया जाएगा।

डीके पार्क का होगा सौंदर्यीकरण: डीके पार्क के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी जिला विकास प्राधिकरण को सौंपी जाएगी।

शहर में लगेंगी 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटें: हल्द्वानी की रोशनी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटें खरीदेगा।

शनि बाजार मोड़ पर दुकानों का पुनर्निर्माण: सड़क चौड़ीकरण के चलते ध्वस्त हुई दुकानों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल किया गया।

नगर निगम की बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों को शहर के विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सफाई व्यवस्था और अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवालों ने बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी चर्चा छेड़ दी।

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